हिमाचल में रिटायर्ड फौजी अफसर से 16 लाख की साइबर ठगी, ‘डिजिटल अरेस्ट’ का बनाया शिकार
- By Gaurav --
- Saturday, 16 May, 2026
Retired Army Officer Duped
हिमाचल प्रदेश के Kangra जिले में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 16 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर पीड़ित को कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा और जांच के नाम पर उनसे रकम ट्रांसफर करवा ली।
पुलिस थाना भवारना में दर्ज शिकायत के अनुसार, बसकेहड़ निवासी रिटायर्ड सैन्य अधिकारी को 25 अप्रैल को एक कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को TRAI अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके पहचान पत्र से लिंक एक बैंक कार्ड किसी आपराधिक मामले में संदिग्ध कारोबारी नरेश गोयल के घर से बरामद हुआ है। आरोपी ने दावा किया कि इस मामले की जांच ईडी कर रही है और वह भी जांच के दायरे में आ चुके हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 25 से 28 अप्रैल के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 4 से 5 कथित IPS अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इस दौरान आरोपियों ने ईडी के लोगो और सरकारी चिह्न वाले कई फर्जी दस्तावेज भेजे। इनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सरकारी निर्देश होने का दावा किया गया, ताकि पीड़ित को पूरी तरह भरोसे में लिया जा सके।
27 अप्रैल को ठगों ने जांच का हवाला देकर पीड़ित की बैंक डिटेल और संपत्ति से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्हें अपनी जमा राशि सरकार के पास ‘गिरवी’ रखनी होगी और क्लीन चिट मिलने के बाद दो दिन के भीतर पैसा वापस कर दिया जाएगा। ठगों की बातों में आकर रिटायर्ड अधिकारी ने RTGS के जरिए 16 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
रकम भेजने के बाद जब आरोपियों से संपर्क टूट गया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो पूछताछ या सरकारी एजेंसी के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सतर्क रहें, क्योंकि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर इस तरह पैसे ट्रांसफर करने को नहीं कहती।